खूबसूरत तितलियाँ
मूल कविता: डॉ गीता राधाकृष्णा मेनन
हिंदी अनुवाद रजनीश मंगा द्वारा
तितलियाँ परों पे उड़ते खूबसूरत जीव हैं,
जीवन है जिनका एक हफ्ता या अधिकतम दो हफ़्ते,
ब्रशनुमा पैरों वाली तितली तो आठ माह तक जी सकती है,
आप माने या न माने, इनकी फुर्ती व सक्रियता अल्पकालिक है,
क्या यह जीवन जीवंत नहीं? दिलकश रंगों से भरपूर खुशियों के क्षण!
तितलियाँ कोमल तथा कमनीय जीव हैं,
भोली भाली, डंक मारतीं न काट खातीं, न ही बदला लेतीं हैं,
रंग बिरंगी तितलियों के रूप निराले उनकी रक्षा करने में सक्षम हैं,
कीटभक्षी जैसे पक्षी, मेंढक, छिपकली से चपलतापूर्वक अपनी रक्षा कर सकती हैं,
बैठ के पत्तों के नीचे छुप कर अंडे देती व उनकी रक्षा करती हैं.
तितलियाँ स्वभाव से ही घुमंतू होती हैं किसी एक जगह न टिकती हैं
ब्लू टाइगर नामक आकर्षक तितली हर मौसम में रह सकती है
खुशनुमा तितलियाँ होशियार भी हैं जो अति शीत व भारी वर्षा में सुरक्षित रह सकती हैं,
ब्लू मोरमोम्ज़ तो दक्षिण भारत से उड़ती उड़ती मुंबई की ओर वृक्षों की बहुतायत वाले हरित क्षेत्र में आ जाती हैं,
प्यारी तितली! काश, कि मैं तुम जैसी होती!
ख़ुशी से टीलों-पर्वतों को उछल कर पार कर पाती,
जंगलों व घाटियों के फूलों में इठलाती रहती,
सदा मजे से उड़ा करती, लहराती, स्वछंद हो कर नाचत
This is a translation of the poem
Butterfly 1 – Beautiful Butterflies
by
Dr. Geeta Radhakrishna Menon

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